पहले AAP, फिर TMC और अब खबर है कि उद्धव ठाकरे के शिवसेना के सांसद शिंदे से जुड़ेंगे.. कल यह सांसद ओम बिरला से मिल सकते हैं.. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस देश में चुनाव ही क्यों करवाया जा रहा है? पत्रकार इसे ऑपरेशन ऑपरेशन कहकर जस्टिफाई कर रहे हैं, लेकिन सही मायने में यह आपके वोटों की चोरी है.. सरकार को अब फर्क नहीं पड़ता आप बेरोज़गारी या महंगाई पर नाराज़ हो सकते हैं, सरकार के खिलाफ वोट कर सकते हैं, लेकिन अब आपके सांसदों को ही खरीदा जाएगा! क्या आपको अब भी लगता है कि भारत में लोकतंत्र मौजूद है? अब ना ही इन्हें EVM हैक करना है, ना ही SIR करना है.. सबकुछ पैसों और डर के दम पर चल रहा है..