आज लगता है, साथ रहना भी कितनी तरह का हो सकता है। सारी ज़िन्दगी साथ रहकर भी आदमी कितना अकेला रह सकता है और किसी का हलका-सा स्पर्श भी कैसे ज़िन्दगी को किसी के साथ होने के एहसास और आश्वासन से भर सकता है।
"मेरे देश की धरती टैलेंट से भरी पड़ी है.."
लड़कों ने गजब का वीडियो बनाया है.. आइडिया, स्क्रिप्टिंग, विजुअल्स, वॉयस ओवर, इंग्लिश में दिए गए बयान को हिंदी में ट्रांसलेट करना.. रिसर्चर.. डॉक्टर.. सब कुछ गजब.
नेटफ्लिक्स वाले देखकर माथा ही फोड़ लेंगे..
#Netflix#Documentary#Funny#FunnyVideo#Talent
Identity is a collaborative fiction where social names mask biological chaos, Niyog didn't save humanity, it simply saved the labels we use to feel important.
#fiction#humanity
सबसे विचित्र बात तो यह है कि अपने वैयक्तिक जीवन में हम झूठ बोलें तो लोग हमारी आलोचना करते हैं, किन्तु, राजनीति में राष्ट्रीय या अन्तर्राष्ट्रीय मंच से झूठ बोलनेवाले राजपुरुष का स्वागत तुमुल करतल-ध्वनि से किया जाता है।
#Politics
Thanks to Arun (Vidyut), Neelesh (Ashtadhyayi), Oliver (Digital Corpus of Sanskrit), and Claude for enabling this.
I also created a frequency list grouped by gaṇa. Hope this can help learners prioritize their vocab & conjugation study!
अपनी मर्ज़ी के अनुसार हर चीज़ कर पाना स्वतंत्रता नहीं है क्योंकि हमें बाकी लोगों के साथ भी तो रहना है, हमें सबके साथ सामंजस्य रखना है, हमें व्यवस्था के साथ तालमेल बनाते हुए जीना है।
वो 'माँ' जिसे हमने भगवान माना था, आज उसे यंत्रों की हवस का शिकार होते देखा है। जहाँ गर्भ प्राकृतिक नहीं, जबरदस्ती थोपा जाता है, और जहाँ बछड़े का हक़, मशीनों के जबड़ों में सोख लिया जाता है। आओ, हकीकत की स्याही से गाय पर फिर एक निबंध लिखें!
मनुष्य अपनी विभाजनकारी बुद्धि और अहंकार को त्यागकर एक 'पेड़' जैसी सहजता अपना ले, तो धर्म और लालच के सारे संघर्ष स्वतः समाप्त हो जाएंगे और केवल प्रकृति के साथ अटूट प्रेम और शांति का अस्तित्व बचेगा।