Filter
Exclude
Time range
-
Near
गोमती नगर जोन में जांच या लीपापोती? यूपीपीसीएल मीडिया का बड़ा सवाल — आखिर किसे बचा रहे हैं मुख्य अभियंता सुशील गर्ग और अधिशासी अभियंता धीरज यादव! लखनऊ। गोमती नगर जोन में जांच के नाम पर जो खेल खेला जा रहा है, वह अब किसी से छिपा नहीं है। सवाल यह उठता है कि आखिर यहां जांच होती भी है या सिर्फ भ्रष्ट अधिकारियों और चहेते कर्मचारियों को बचाने का मंच तैयार किया जाता है? जिस तरह एक के बाद एक मामलों को “जांच” के नाम पर ठंडे बस्ते में डाला गया, उसने पूरे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे पहला मामला लगभग एक वर्ष पूर्व का है, जब वाणिज्य निदेशक मध्यांचल डिस्कॉम योगेश कुमार द्वारा मुख्य अभियंता गोमती नगर जोन सुशील गर्ग को अवैध प्रपत्रों के बल पर हुए टेंडर एवं विजिलेंस टीम की कथित वसूली प्रकरण की जांच कराने के निर्देश दिए गए। मुख्य अभियंता ने यह जांच तत्कालीन अधीक्षण अभियंता प्रेमलता सिंह को सौंप दी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि लगभग एक साल बीत जाने के बाद भी जांच रिपोर्ट का कहीं कोई अता-पता नहीं है। जब यूपीपीसीएल मीडिया ने इस प्रकरण का फॉलोअप किया तो मुख्य अभियंता सुशील गर्ग ने दावा किया कि रिपोर्ट कमर्शियल निदेशक कार्यालय भेज दी गई है। वहीं कमर्शियल निदेशक कार्यालय का साफ कहना है कि उन्हें ऐसी कोई रिपोर्ट प्राप्त ही नहीं हुई। अब सच्चाई क्या है, यह जनता खुद समझ सकती है। सवाल यह भी है कि आखिर किसे बचाने के लिए यह पूरा खेल खेला जा रहा है? आज भी वही कथित विजिलेंस ड्राइवर विजिलेंस प्रभारी बनकर कार्य कर रहा है। इसी प्रकार अमराई गांव में संविदा कर्मियों द्वारा अवैध रूप से केबल काटने के मामले की जांच अधिशासी अभियंता धीरज यादव को सौंपी गई थी। तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गई, लेकिन पांच महीने बाद भी जांच अधूरी पड़ी है। आखिर ऐसा क्या कारण है कि हर जांच “बीरबल की खिचड़ी” बन जाती है? धीरज यादव का कारनामा यहीं समाप्त नहीं होता। अपने चहेते अवर अभियंता रमेश सिंह को बचाने के लिए उन्होंने अपनी कुर्सी की गरिमा तक दांव पर लगा दी। दिनांक 16 मार्च 2026 को यूपीपीसीएल मीडिया द्वारा प्रकाशित खबर — “बिना एस्टीमेट हटाई गई 11 केवी लाइन! अवर अभियंता पर बिल्डर को फायदा पहुंचाने का आरोप” — के बाद मुख्य अभियंता सुशील गर्ग ने जांच समिति बनाई और एक बार फिर अध्यक्ष बनाया गया अधिशासी अभियंता धीरज यादव को। परिणाम वही निकला — जांच ठंडे बस्ते में। सबसे बड़ा खेल तब सामने आया जब 6 मई 2026 को प्रकाशित खबर “बिना आकलन ही लगा दिए 6 खंभे” पर लीपापोती शुरू हुई। मुख्य अभियंता कार्यालय द्वारा अधीक्षण अभियंता टेक्निकल नवीन चंद्र प्रसाद को जांच पत्र ईमेल की बजाय व्हाट्सएप से भेजा गया। यह वही कार्यालय है जहां हर आधिकारिक पत्र ईमेल से भेजा जाता है। आखिर इस मामले में व्हाट्सएप का सहारा क्यों लिया गया? स्थिति यह रही कि 12 मई 2026 तक संबंधित अधीक्षण अभियंता को यह तक जानकारी नहीं थी कि उनके पास कोई जांच आई है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यह सब सिर्फ जांच का नाटक था? दूसरी ओर, जब किसी बड़े मीडिया बैनर में खबर प्रकाशित होती है और पत्रकार फोन करता है, तो बिना जांच रिपोर्ट आए ही अवर अभियंता वरुण पटेल को निलंबित कर दिया जाता है। और वह भी ऐसे आरोप में, जो कथित रूप से हुआ ही नहीं। सूत्र बताते हैं कि यही वह अवर अभियंता हैं जो गैस सिलेंडर से लेकर रसोई का सामान तक अधिकारियों के घर पहुंचाने का कार्य करते हैं। शायद यही कारण है कि उनके खिलाफ बनने वाली हर जांच समिति “बीरबल की खिचड़ी” साबित होती है। यूपीपीसीएल मीडिया आज खुलकर यह चुनौती देता है कि यदि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करा ली जाए, तो कई बड़े अधिकारियों के चेहरे बेनकाब हो जाएंगे। सवाल सिर्फ एक अवर अभियंता का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम में व्याप्त उस भ्रष्ट गठजोड़ का है, जिसने जांच को मजाक बनाकर रख दिया है। अब देखना यह होगा कि विभाग सच में कार्रवाई करता है या फिर हमेशा की तरह फाइलें दबाकर भ्रष्टाचार पर पर्दा डाल दिया जाएगा। बाकी खुलासे अभी बाकी हैं… बने रहिए यूपीपीसीएल मीडिया के साथ। #UPPCLMedia #GomtiNagarZone #SushilGarg #DheerajYadav #CorruptionExposed #InquiryScam #BirbalKiKhichdi #UPPCL #PowerDepartment #LucknowNews #MediaExpose #VigilanceScam #ElectricityDepartment #BreakingNews #AwazPlus #UPNews #Journalism #Bhrashtachar #InvestigationDrama #UPPCLCorruption #BreakingNews #UPPCL #uppclmd #ElectricityDepartment #powercorporation #UPNews #facebook #Uppcl Media
1
3
328
बरेली में फेल हुई यूपीपीसीएल की ‘वर्टिकल व्यवस्था’, अफसरों के फोन बंद, आउटसोर्स कर्मचारी बने जनता के निशाने पर बरेली में बीती रात बिजली व्यवस्था की बदहाली ने उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड की तथाकथित “वर्टिकल व्यवस्था” की पूरी सच्चाई सामने ला दी। बिजलीघर में ब्रेकडाउन के बाद हालात इतने बिगड़ गए कि करीब दो से ढाई सौ लोगों ने बिजलीघर का घेराव कर लिया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी फोन उठाने तक को तैयार नहीं हुए। किसी का नंबर बिजी मिला, तो किसी का फोन नॉट रीचेबल। कई अफसरों ने तो कॉल उठाना ही जरूरी नहीं समझा। सबसे शर्मनाक बात यह रही कि संकट की घड़ी में विभागीय अधिकारी गायब रहे और मौके पर मौजूद आउटसोर्स कर्मचारियों को जनता के गुस्से का सामना करना पड़ा। विभाग के अफसर सुरक्षित जगहों पर बैठे रहे, जबकि संविदा और आउटसोर्स कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर हालात संभालते रहे। यूपीपीसीएल की वर्टिकल व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए थे कि इससे जवाबदेही तय होगी और बिजली आपूर्ति मजबूत बनेगी, लेकिन बरेली की घटना ने साबित कर दिया कि यह व्यवस्था सिर्फ कागजों में ही सफल है। जमीनी स्तर पर न अधिकारी जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं और न उपभोक्ताओं की समस्या सुनने वाला कोई मौजूद है। चिंता की बात यह है कि अभी भीषण गर्मी की शुरुआत तक ठीक से नहीं हुई है और बिजली व्यवस्था का यह हाल है। आने वाले जून-जुलाई में जब तापमान चरम पर होगा, तब प्रदेश की बिजली व्यवस्था किस तरह चलेगी, इसका अंदाजा अभी से लगाया जा सकता है। अगर अभी से बिजलीघरों पर भीड़ जमा होने लगी है और अफसर फोन बंद करके बैठ रहे हैं, तो आने वाले दिनों में हालात और विस्फोटक हो सकते हैं। स्थानीय कर्मचारियों में भी भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि हर बार ब्रेकडाउन होने पर अधिकारी खुद को बचा लेते हैं और सारा दबाव फील्ड में काम कर रहे कर्मचारियों पर डाल दिया जाता है। सुरक्षा, संसाधन और सहयोग के बिना काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारी अब खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड को अब यह समझना होगा कि केवल बैठकों और कागजी योजनाओं से बिजली व्यवस्था नहीं चलती। अगर समय रहते जवाबदेही तय नहीं हुई और अधिकारियों की कार्यशैली नहीं बदली गई, तो आने वाले दिनों में जनता का गुस्सा और कर्मचारियों की नाराजगी दोनों बड़ा रूप ले सकते हैं। #Bareilly #UPPCL #बिजली_विभाग #वर्टिकल_व्यवस्था #बरेली_बिजली_संकट #UPNews #PowerCrisis #OutsourceEmployee #बिजली_कटौती #UPPCLFail #ElectricityDepartment #BreakingNews #उत्तरप्रदेश #बिजलीघर #जनता_परेशान #ViralNews #HindiNews #AwazPlus #uppclmedia #facebook
5
8
20
821
UPPCL में कर्मचारियों का फूटा गुस्सा - 24x7 ड्यूटी, स्टाफ की भारी कमी और मानसिक शोषण से टूट रहे कर्मचारी बरेली। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) में कार्यरत कर्मचारियों ने कार्य व्यवस्था, स्टाफ की कमी और लगातार बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 11 केवी एवं एलटीसी वर्टिकल के कर्मचारियों द्वारा प्रबंध निदेशक को भेजे गए पत्र में विभागीय अव्यवस्थाओं और “अमानवीय कार्यसंस्कृति” पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि बिजली व्यवस्था संभालने वाले फील्ड कर्मचारियों पर जरूरत से ज्यादा काम का बोझ डाला जा रहा है, जबकि संसाधन और स्टाफ लगातार घटते जा रहे हैं। पत्र में कहा गया है कि मौजूदा व्यवस्था कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल रही है। कर्मचारियों ने उठाए अहम सवाल 👉🏽 ट्रांसफॉर्मर फुंकने की पूरी जिम्मेदारी सिर्फ 11 केवी वर्टिकल पर डाल दी गई है, जबकि बिजली चोरी, ओवरलोड और निगरानी जैसे कार्य अन्य वर्टिकल के दायरे में आते हैं। 👉🏽 लगातार बढ़ते लोड के बावजूद स्टाफ और संसाधनों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। 👉🏽 विभाग में फॉल्ट और ब्रेकडाउन के समय पर्याप्त सहयोग नहीं मिलता, जिससे कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव बनता है। 👉🏽 मेंटेनेंस सामग्री, सीढ़ी और जरूरी उपकरणों की भारी कमी बताई गई है। 👉🏽 वर्टिकल रोटेशन नीति लागू न होने से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। सबसे गंभीर आरोप 24x7 ड्यूटी व्यवस्था को लेकर लगाया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार फोन कॉल, निर्देश और इमरजेंसी ड्यूटी के कारण उन्हें पर्याप्त आराम नहीं मिल पा रहा, जिससे मानसिक तनाव और स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। 24 घंटे ऑन कॉल रहना पड़ता है पत्र में कहा गया है कि हेल्पडेस्क और फील्ड शिकायतों का दबाव इतना ज्यादा है कि कर्मचारियों को दिन-रात फोन उठाने पड़ते हैं। कई कर्मचारियों ने पारिवारिक जीवन प्रभावित होने और लगातार तनाव में रहने की बात कही है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगें- 👉🏽 कार्य दायित्वों का न्यायसंगत निर्धारण 👉🏽 पर्याप्त स्टाफ और उपकरण उपलब्ध कराना 👉🏽 वर्टिकल रोटेशन व्यवस्था लागू करना 👉🏽 24x7 ड्यूटी सिस्टम को खत्म कर 8 घंटे की शिफ्ट व्यवस्था लागू करना कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो असंतोष और बढ़ सकता है। अब देखना होगा कि UPPCL प्रबंधन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है। #UPPCL #ElectricityNews #SmartMeter #PowerDepartment #UPNews #BijliVibhag #ElectricityBill #EnergyUpdate #UttarPradesh #PowerConsumers #AwazPlus #HindiNews #BreakingNews #ViralNews #ElectricityWorkers #SmartMeterIssue #UPPCLMedia #NewsUpdate #IndiaNews #PowerSector
4
10
14
874
यूपी में स्मार्ट बिजली मीटर अब पोस्टपेड मोड में होंगे संचालित, UPPCL ने जारी किए निर्देश लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने प्रदेशभर में आरडीएसएस योजना के तहत लगाए गए स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड मोड में परिवर्तित करने का फैसला लिया है। इस संबंध में प्रबंध निदेशक नितेश कुमार की ओर से 6 मई 2026 को विस्तृत आदेश जारी किए गए हैं। जारी निर्देशों के अनुसार, प्रदेश के सभी डिस्कॉम क्षेत्रों में लगाए गए स्मार्ट मीटर अब पोस्टपेड प्रणाली पर संचालित किए जाएंगे। मई 2026 की बिजली खपत का बिल जून 2026 में पोस्टपेड व्यवस्था के तहत जारी किया जाएगा। UPPCL ने स्पष्ट किया है कि मीटरों का यह परिवर्तन RMS कोड के माध्यम से मुख्यालय स्तर से किया जाएगा। उपभोक्ताओं को एसएमएस और व्हाट्सऐप के जरिए बिल उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है। जिन उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर अपडेट नहीं हैं, उनके लिए विशेष अभियान चलाकर नंबर अपडेट कराए जाएंगे। बिजली निगमों ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए अलग-अलग व्हाट्सऐप चैटबॉट नंबर भी जारी किए हैं, जिनके माध्यम से बिल और अन्य सेवाएं प्राप्त की जा सकेंगी। साथ ही 1912 हेल्पलाइन पर भी शिकायत और जानकारी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। आदेश में कहा गया है कि पोस्टपेड मोड में बिल की देय तिथि 15 दिन रखी जाएगी और इसके 7 दिन बाद डिस्कनेक्शन की प्रक्रिया लागू होगी। बकाया भुगतान नहीं होने पर पूर्व की तरह विद्युत आपूर्ति संहिता-2005 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। UPPCL ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जिन उपभोक्ताओं की पहले प्रीपेड मोड में जमा सिक्योरिटी राशि समायोजित की गई थी, उन्हें अब नई व्यवस्था के अनुसार किस्तों में सिक्योरिटी जमा करने की सुविधा दी जाएगी। घरेलू उपभोक्ताओं को 10 किस्तों में तथा अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को 3 किस्तों (40%, 30%, 30%) में भुगतान की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, बिलिंग और स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण के लिए 15 मई 2026 से 30 जून 2026 तक विशेष कैंप लगाए जाएंगे। UPPCL ने सभी संबंधित अधिकारियों को उपभोक्ता हित में निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। #UPPCL #SmartMeter #PostpaidMode #ElectricityBill #UPNews #UttarPradesh #SmartBilling #PowerUpdate #DigitalIndia #ElectricityConsumers #WhatsAppBilling #1912Helpline #RDSS #EnergyNews #AwazPlus
5
8
27
2,384
⚡ बढ़े हुए बिलों से नाराज़ जनता का विस्फोट, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की अगुवाई में खुला विरोध; UPPCL की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल सुबह देवी मंदिर परिसर में शुरू हुई बैठक जल्द ही उग्र आंदोलन में बदल गई। “स्मार्ट मीटर हटाओ” के नारों के साथ ग्रामीणों का हुजूम सड़कों पर उतर आया। बाजार से गुजरता हुआ यह जनसैलाब बिजलीघर तक पहुंचा, जहां गुस्से का विस्फोट साफ दिखाई दिया। इस विरोध में महिलाओं की बड़ी भागीदारी ने आंदोलन को और धार दे दी। 📍 पूरा मामला पढ़ें👇 👉 uppclmedia.in/breaking/34804 🔔 बिजली से जुड़ी हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए हमें फॉलो करें: 🔌 WhatsApp Channel whatsapp.com/channel/0029VaQ… 🔌 Facebook Page facebook.com/uppclmedia 🔌 X (Twitter) x.com/UppclMedia 🔌 YouTube Channel youtube.com/@uppclmediatv 📢 आवाज़ उठाइए… सच दिखाइए… UPPCL MEDIA आपके साथ है। #AgraProtest #SmartMeterControversy #UPPCL #ElectricityCrisis #GroundReport #BreakingNews #AwazPlus #SmartMeterHatao #BijliBillShock #DigitalLoot #ConsumerRights #BillingFraud #PowerPolitics #KisanAndolan #BKU #FarmersProtest #GrameenAakrosh #VillageVoices #PublicAnger #SystemFailure #IndiaNews #ViralNews #TruthExposed
2
8
13
290
🔴 ⚡ मध्यांचल में ‘रिजेक्शन राज’ पर प्रहार - अमौसी के बाद अब गोमती नगर, मध्य क्षेत्र और जानकीपुरम ज़ोन जांच के घेरे में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में लंबे समय से चल रही “रिजेक्ट संस्कृति” पर अब शीर्ष स्तर से सर्जिकल प्रहार शुरू हो गया है। अमौसी ज़ोन में हुई सख्त कार्रवाई के बाद विभागीय हलकों में हड़कंप है। सूत्रों का दावा है कि अब गोमती नगर, मध्य क्षेत्र और जानकीपुरम ज़ोन की फाइलें खुलनी तय हैं। 📍 पूरा मामला पढ़ें👇 👉 uppclmedia.in/breaking/34408 🔔 बिजली से जुड़ी हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए हमें फॉलो करें: 🔌 WhatsApp Channel whatsapp.com/channel/0029VaQ… 🔌 Facebook Page facebook.com/uppclmedia 🔌 X (Twitter) x.com/UppclMedia 🔌 YouTube Channel youtube.com/@uppclmediatv 📢 आवाज़ उठाइए… सच दिखाइए… *UPPCL MEDIA आपके साथ है। #RejectionRaj #Madhyanchal #UPPCL #PowerConnection #ElectricityRights #NoMoreQueryCulture #ConsumerRights #EnergyDepartment #Accountability #SuspensionAlert #GomtiNagarZone #JanakipuramZone #CentralZone #AwazPlus #UPNews
1
1
3
351
🔴 गोमती नगर में 400 KVA ट्रांसफार्मर चोरी — व्यवस्था पर सवाल, फील्ड इंजीनियरों की मेहनत पर विभागीय नीति भारी गोमती नगर की बिजली नहीं, विभाग की व्यवस्था नंगी हुई लखनऊ। मध्यांचल डिस्कॉम अधीनस्थ गोमती नगर जोन के शिवपुरी पावर हाउस क्षेत्र स्थित राय एनक्लेव कॉलोनी में बीती रात ऐसी सनसनीखेज घटना सामने आई जिसने बिजली व्यवस्था की सुरक्षा व्यवस्था की पूरी पोल खोल दी। अज्ञात चोरों ने कॉलोनी गेट का ताला तोड़कर कॉलोनी कार्यालय के बगल में स्थापित 400 केवीए ट्रांसफार्मर को खोलकर उसकी मशीनरी उखाड़ ले गए। घटना को जिस तकनीकी बारीकी और कम समय में अंजाम दिया गया, उससे साफ है कि यह किसी सामान्य चोर का काम नहीं हो सकता। ट्रांसफार्मर खोलने की प्रक्रिया, कौन-कौन से पार्ट्स निकालने हैं, किसे छोड़ना है — यह सब वही व्यक्ति जान सकता है जिसे विद्युत प्रणाली का व्यावहारिक अनुभव हो। सूत्रों की मानें तो यह काम पूरी योजना के साथ किया गया। बताया जा रहा है कि एक दिन पूर्व अपाचे बाइक से मौके की रेकी की गई थी, लेकिन करंट का झटका लगने के कारण प्रयास असफल रहा। इसके बाद अगली रात पूरी तैयारी के साथ चोरी को अंजाम दिया गया। अज्ञात लोग गेट का ताला तोड़कर कॉलोनी कार्यालय के बगल में लगा 400 केवीए ट्रांसफार्मर खोलकर उसकी पूरी मशीनरी निकाल ले गए — और किसी को भनक तक नहीं लगी। यह काम किसी कबाड़ी चोर का नहीं था। जिस सटीकता से ट्रांसफार्मर खोला गया, जिन पार्ट्स को चुना गया, जिनको छोड़ा गया — साफ है कि यह हाथ उन लोगों का है जिन्हें सिस्टम की नस-नस पता है। एक दिन पहले अपाचे बाइक से ट्रायल भी हुआ, करंट लगा तो वापस गए… अगली रात पूरी तैयारी से लौटे और काम पूरा करके निकल गए। मतलब — चोर नहीं, सिस्टम के पुराने खिलाड़ी थे। संक्षेप में कहे तो, शिवपुरी पावर हाउस क्षेत्र की राय एनक्लेव कॉलोनी में बीती रात जो हुआ, वह सिर्फ चोरी नहीं बल्कि बिजली विभाग की सुरक्षा, प्रबंधन और नीतियों पर सीधा तमाचा है। ❗ विभागीय नीतियां बनीं अपराध की पृष्ठभूमि? घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल विभागीय कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। संविदा कर्मियों को 55 वर्ष की आयु में हटाए जाने का निर्णय — जबकि शासनादेश 60 वर्ष का है — हजारों अनुभवी कर्मचारियों को एक झटके में बेरोजगार कर रहा है। वर्षों तक लाइन, ट्रांसफार्मर और फाल्ट पर काम करने वाले कर्मी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। परिवार, पढ़ाई, लोन और जीवनयापन संकट में पड़ गया । वर्टिकल व्यवस्था के नाम पर संविदा कर्मियों की संख्या में कटौती की जा रही है। ऐसे में विभाग यह नहीं बता पा रहा कि इन लोगों के लिए आगे का रास्ता क्या है? जिस आदमी को आपने ट्रांसफार्मर का डॉक्टर बनाया, उसे एक दिन बेरोजगार कर दिया… तो वह मजदूर बनेगा या वही करेगा जो उसे आता है? जांच एजेंसियां अपना काम करेंगी — लेकिन सवाल नीति पर है। (यह टिप्पणी सामाजिक परिस्थिति पर आधारित है, घटना की पुलिस जांच अलग से जारी है) ⚡ फील्ड इंजीनियरों की मेहनत काबिले-तारीफ जहां एक तरफ सुरक्षा व्यवस्था फेल साबित हुई, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में कार्यरत इंजीनियरों और लाइन स्टाफ की कार्यशैली की चर्चा भी जरूरी है। लगातार फाल्ट, ओवरलोड और चोरी के बीच आपूर्ति बनाए रखना, सीमित स्टाफ में 24 घंटे ड्यूटी करवाना, संसाधन कम होते हुए भी, जिम्मेदारी ज्यादा रहना...ग्राउंड पर इंजीनियर और लाइन स्टाफ आधे संसाधन में 24 घंटे बिजली चला रहे हैं, फाल्ट भी वही ठीक कर रहे, जनता का गुस्सा भी वही झेल रहे, चोरी का नुकसान भी वही भर रहे. यह जानते हुए भी गलती उनकी नहीं, गलती उन कुर्सियों की है जिन्हें फील्ड की हकीकत नहीं पता ....इन हालातों में भी बिजली आपूर्ति चलती रहना बताता है कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले इंजीनियर और कर्मचारी ही व्यवस्था की असली रीढ़ हैं। चोरी की यह घटना उनकी मेहनत पर नहीं, बल्कि प्रबंधन की सुरक्षा और मानव संसाधन नीति पर सवाल खड़े करती है। 📉 एक महीने में दूसरी बड़ी घटना सिर्फ एक माह पहले ही 250 KVA ट्रांसफार्मर गायब होने की घटना सामने आई थी, जिसकी जांच अभी जारी है। पहले 250 KVA ट्रांसफार्मर गायब, अब 400 KVA उखड़ गया. अब भी विभाग कहेगा ... “जांच जारी है” लगातार हो रही घटनाएं बताती हैं कि मामला अलग-अलग चोरी नहीं बल्कि एक पैटर्न बनता जा रहा है। 🗣 यूपीपीसीएल मीडिया की मांग यह घटना केवल चोरी नहीं… व्यवस्था को आईना है।🗣 यूपीपीसीएल मीडिया की सीधी बात- या तो 👉 सुरक्षा मजबूत करो, या फिर👉 अनुभवी संविदा कर्मियों को वापस लो. वरना अगली बार ट्रांसफार्मर नहीं… पूरी लाइन गायब मिलेगी। यह चोरी नहीं… व्यवस्था की बनाई हुई घटना है। अभी भी समय है — यदि विभाग ने अपनी नीतियों पर पुनर्विचार नहीं किया तो ऐसी घटनाएं सिर्फ उपकरण ही नहीं, विभाग की साख भी उखाड़ती रहेंगी। #UPPCL #TransformerTheft #GomtiNagar #PowerDepartment #ElectricityCrisis #UPNews #LucknowNews #GroundReality #ContractWorkers #SystemFailure #ElectricityDepartment #BreakingNews #FieldEngineers #PublicIssue #AwazPlus
1
4
23
1,559
🚨 बड़ी खबर: शिकायत के बाद बिंदकी के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार निलंबित... आखिर किस कारनामों के कारण हुए निलम्बित , सुने ऑडियो जनपद फतेहपुर के विद्युत वितरण खंड–द्वितीय बिंदकी में तैनात अधिशासी अभियंता इं० राजेश कुमार पर लगे गंभीर आरोपों के मामले में विभाग ने बड़ी कार्रवाई कर दी है। प्रयागराज क्षेत्र–द्वितीय के पत्रांक 1055 (दिनांक 17.02.2026) के आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि हाल ही में भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंची थी। शिकायतकर्ता ने लखनऊ स्थित प्रबंध निदेशक कार्यालय में पहुंचकर कथित ऑडियो साक्ष्य के साथ प्रकरण उठाया था। मामले को गंभीर मानते हुए विभागीय स्तर पर जांच शुरू की गई और प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई। विभागीय सूत्रों के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान प्रकरण की विस्तृत जांच कराई जाएगी और दोष सिद्ध होने पर आगे की कठोर विभागीय कार्रवाई भी संभव है। इससे पहले ही मामले में बड़ी कार्रवाई की आशंका जताई जा रही थी, जो अब आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद स्पष्ट हो गई है। (जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी) #UPPCL #Fatehpur #Bindki #Suspension #CorruptionCase #UPNews #बड़ीखबर #BreakingNews #UPPCL #Fatehpur #Bindki #Corruption #PowerDepartment #UPNews #BigBreaking #ElectricityDepartment #Investigation #SuspensionAlert #ViralNews #HindiNews #LocalNews #AwazPlus
2
6
349
⚡ हर साल वही कहानी: “लोड बढ़ा”… या विभाग सोता रहा? पुराने ट्रांसफॉर्मर, दोगुना कनेक्शन और बार-बार रिपेयर — अंधेरे की सरकारी तैयारी लखनऊ/ग्रामीण उत्तर प्रदेश | UPPCL MEDIA विशेष रिपोर्ट प्रदेश में गर्मी शुरू होने से पहले ही बिजली व्यवस्था की असलियत सामने आने लगी है। गांव हो या कस्बा — ट्रांसफॉर्मर फुंकना अब दुर्घटना नहीं, बल्कि तयशुदा प्रक्रिया बन चुकी है। और हैरानी की बात यह कि विभाग इसे हर बार “अचानक बढ़े लोड” का नाम देकर पल्ला झाड़ लेता है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) हर साल गर्मियों में एक ही रटा-रटाया बयान देता है — “लोड अधिक होने से ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त हो गए”.... लेकिन सवाल है… लोड अचानक बढ़ता है या विभाग की लापरवाही वर्षों से चल रही है? ⚡ छोटे ट्रांसफॉर्मर, बड़ा बोझ- 🧯 खरीद बंद, उपयोग चालू — 10-16 KVA पर पूरा गांव प्रदेश के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी 10 KVA, 16 KVA, 25 KVA और 63 KVA के वितरण परिवर्तक बड़ी संख्या में लगे हैं। सूत्र बताते हैं — 10 KVA और 16 KVA ट्रांसफॉर्मर की खरीद 2014-15 से बंद वही पुराने ट्रांसफॉर्मर आज भी चालू कई 8-10 बार नहीं… 15 बार तक रिपेयर 👉 मतलब — आधी क्षमता का ट्रांसफॉर्मर 👉 लेकिन कनेक्शन — दोगुने परिणाम: गर्मी आते ही गांव अंधेरे में सूत्रों के अनुसार 10 KVA और 16 KVA क्षमता के वितरण ट्रांसफॉर्मर की खरीद वर्ष 2014-15 से बंद है, लेकिन आज भी यही ट्रांसफॉर्मर हजारों गांवों की बिजली ढो रहे हैं। स्थिति यह है कि — कई ट्रांसफॉर्मर 8-10 नहीं बल्कि 15 बार तक रिपेयर हो चुके क्षमता आधी से भी कम रह गई कनेक्शन संख्या क्षमता से लगभग दोगुनी यानी बूढ़े ट्रांसफॉर्मर पर जवान लोड। नतीजा: जैसे ही तापमान बढ़ता है — ट्रांसफॉर्मर धड़ाधड़ जलना शुरू। 🔧 “रिपेयर उद्योग” बनाम बिजली व्यवस्था विभागीय नियम कहते हैं — बार-बार खराब होने वाले परिवर्तक को Uneconomical घोषित कर बदलना चाहिए। लेकिन जमीनी हकीकत: ट्रांसफॉर्मर जलता है वर्कशॉप जाता है फिर वही वापस लग जाता है फिर जलता है… फिर रिपेयर… फिर खर्च… 👉 जनता परेशान 👉 विभाग का पैसा बर्बाद 👉 जिम्मेदार सुरक्षित 🔧 Uneconomical घोषित क्यों नहीं? विभागीय नियम साफ कहते हैं — बार-बार खराब होने वाले ट्रांसफॉर्मर को Uneconomical घोषित कर बदला जाए। लेकिन जमीनी सच्चाई: उसे बदलने के बजाय वर्कशॉप भेजो, कॉयल बदलो, तेल भरो… फिर खंभे पर टांग दो। कुछ दिनों बाद फिर जलेगा — फिर रिपेयर। यानी बिजली व्यवस्था नहीं, “रिपेयर व्यवस्था” चल रही है। इस चक्कर में सरकारी धन की बर्बादी उपभोक्ताओं की परेशानी दोनों जारी। 🏙 शहरों में भी हाल बेहाल- शहर भी सुरक्षित नहीं समस्या सिर्फ गांव तक सीमित नहीं। 160 KVA से 1000 KVA के मीडियम पावर ट्रांसफॉर्मर: 10–15 बार तक जल चुके क्षमता आधी से भी कम गर्मी में बार-बार फेल फिर भी न बदले जाते हैं… बस लाइनमैन और JE पर कार्रवाई की औपचारिकता। समस्या सिर्फ ग्रामीण नहीं है। शहरी और तहसील क्षेत्रों के 160 से 1000 KVA ट्रांसफॉर्मर भी कई-कई बार जल चुके हैं। कई ऐसे परिवर्तक हैं जिनकी वास्तविक क्षमता आधी रह गई, और वही हर गर्मी में सबसे पहले फेल होते हैं। फिर भी बदले नहीं जाते — सिर्फ रिपोर्ट, नोटिस और कार्रवाई का कागज़ी खेल चलता है। 🧾 जिम्मेदारी कौन लेगा? यदि नियम के अनुसार Uneconomical घोषित कर नए ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएं तो: ✔ लाइन लॉस घटेगा ✔ ओवरलोडिंग रुकेगी ✔ बार-बार फाल्ट खत्म होंगे ✔ विभाग का करोड़ों रुपया बचेगा लेकिन ऐसा करने में रुचि कम और कार्रवाई दिखाने में रुचि ज्यादा दिखाई देती है। 📉 योजना विफल, जिम्मेदारी गायब बिजली विभाग हर वर्ष लोड वृद्धि का अनुमान बनाता है, फिर भी: पर्याप्त नए ट्रांसफॉर्मर नहीं खरीदे जाते स्टोर खाली ओवरलोडिंग जारी लाइनमैन जिम्मेदार ठहराए जाते बड़ा सवाल यही — तकनीकी समस्या है या प्रशासनिक उदासीनता? 🟥 यूपीपीसीएल मीडिया का मानना है कि ट्रांसफॉर्मर इसलिए नहीं जल रहे कि गर्मी ज्यादा है, बल्कि इसलिए जल रहे हैं कि उन्हें समय पर बदला ही नहीं जा रहा। जब तक पुराने, बार-बार जले और कमजोर ट्रांसफॉर्मर हटाकर नए नहीं लगाए जाएंगे, तब तक हर गर्मी में अंधेरा तय है — और विभाग का बयान भी तय है। “लोड बढ़ गया था…” ✍️ UPPCL MEDIA बिजली व्यवस्था पर सीधी और सख्त नजर #UPPCL #PowerCrisis #TransformerBlast #BijliVibhag #ElectricityDepartment #RuralElectricity #PowerFailure #Blackout #Overload #ElectricityIssue #जनसमस्या #बिजलीसंकट #UPNews #PublicIssue #GroundReport #UPPCLMEDIA #BreakingNews #AwazPlus #ElectricityScam #SystemFailure #mvvnl #dvvnl #puvvnl #PVVNL
1
6
357
⚡ बिजली कनेक्शन नहीं, उपभोक्ता से खुली वसूली! प्रीपेड के नाम पर जेब पर सीधा हमला प्रदेश में नया बिजली कनेक्शन लेना अब आम उपभोक्ता के लिए पहले से कहीं अधिक महंगा हो गया है। नई कॉस्ट डेटा बुक-2026 के बाद प्रीपेड मीटर आधारित कनेक्शन दरों ने सीधे तौर पर उपभोक्ताओं की जेब पर असर डाला है। जो 1 किलोवाट कनेक्शन पहले लगभग ₹1800 और 2 किलोवाट ₹2200 में मिल जाता था, वही अब ₹4225 से ₹5155 तक पहुँच गया है। इसमें करीब ₹2800 केवल मीटर के नाम पर जोड़े जा रहे हैं। 📍 पूरा मामला पढ़ें👇 👉 uppclmedia.in/breaking/34166 🔌 👇बिजली से जुड़ी हर बड़ी खबर सबसे पहले! फॉलो करें “UPPCL MEDIA” व्हाट्सएप चैनल whatsapp.com/channel/0029VaQ… #NewElectricityConnection #PrepaidMeter #CostDataBook2026 #ConsumerBurden #BijliConnectionMahanga #UPPower #ElectricityCharges #MeterCost #ProcessingFeeHike #uppclmedia #DistanceCharge #ThreePhaseConnection #AwazPlus
3
4
4
667
⚡ “सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी?” — UPPCL के स्थानांतरणों पर गंभीर सवाल मामला उस ऐतिहासिक आदेश से जुड़ा है, जो Supreme Court of India ने Suresh Chandra Sharma vs Chairman, UPSEB & Ors. (24 फरवरी 2005) में पारित किया था। इस आदेश में विद्युत निगमों में अधिकारियों/कर्मचारियों के स्थानांतरण को राजनीतिक/प्रशासनिक हस्तक्षेप से मुक्त रखने के लिए एक स्वतंत्र निगरानी समिति के माध्यम से ट्रांसफर प्रक्रिया कराने के सख्त निर्देश दिए गए थे। 📍 पूरा मामला पढ़ें👇 👉 uppclmedia.in/breaking/34158 🔌 👇बिजली से जुड़ी हर बड़ी खबर सबसे पहले! फॉलो करें “UPPCL MEDIA” व्हाट्सएप चैनल whatsapp.com/channel/0029VaQ… #UPPCL #SupremeCourtOrder #TransferPolicy #PIL #AwazPlus #uppclmedia
3
3
14
790
⚡ 🔴 Mock Drill: ग्रेटर नोएडा में होगा ब्लैकआउट, शाम छह बजे बजेगा हवाई हमले का सायरन शाम ठीक छह बजे हवाई हमले की चेतावनी देने वाला सायरन बजेगा, जिसके तुरंत बाद विद्युत आपूर्ति बाधित कर पूरे क्षेत्र में ब्लैकआउट किया जाएगा। इस दौरान नागरिकों को जमीन पर लेटकर सुरक्षित तरीके से शरण लेने की प्रक्रिया का अभ्यास कराया जाएगा। हवाई हमला समाप्त होने के बाद “ऑल क्लियर” सायरन बजाया जाएगा और सामान्य स्थिति बहाल की जाएगी। 📍 पूरा मामला पढ़ें👇 👉 uppclmedia.in/breaking/34119 🔌 👇बिजली से जुड़ी हर बड़ी खबर सबसे पहले! फॉलो करें “UPPCL MEDIA” व्हाट्सएप चैनल whatsapp.com/channel/0029VaQ… #MockDrill #BlackoutDrill #AirRaidSimulation #EmergencyPreparedness #DisasterManagement #StayAlertStaySafe #CivilDefence #NDRF #SDRF #DisasterResponse #ग्रेटरनोएडा #ब्लैकआउटड्रिल #मॉकड्रिल #हवाईहमलाड्रिल #आपातकालतैयारी #सिविलडिफेंस #आपदाप्रबंधन #AwazPlus
3
347
⚡ शटडाउन के बाद भी दौड़ा करंट!-लाइन ठीक करते संविदाकर्मी की मौत, बिजली विभाग की लापरवाही से उजड़ा परिवार इस गंभीर हादसे के बाद भी बिजली विभाग का कोई अधिकारी न तो मौके पर पहुंचा और न ही पीड़ित परिवार से मिलने की जरूरत समझी। इससे ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर विभागीय अधिकारी समय पर निगरानी रखते तो यह हादसा टल सकता था। 📍 पूरा मामला पढ़ें👇 👉 uppclmedia.in/breaking/34113 🔌 👇बिजली से जुड़ी हर बड़ी खबर सबसे पहले! फॉलो करें “UPPCL MEDIA” व्हाट्सएप चैनल whatsapp.com/channel/0029VaQ… #ContractLinemanDeath #PowerDepartmentNegligence #JusticeForDeepak #UPPCLNegligence #LinemanLivesMatter #PowerDeptFailure #MuzaffarnagarNews #FuganaAccident #ElectricShockDeath #ContractWorkerRights #SafetyFirst #DepartmentalNegligence #UPNews #AwazPlus #UPPCLMedia
1
5
7
330
🔥 ⚡ बेहतर बिजली, बेहतर सेवा का संकल्प — जूनियर इंजीनियर संगठन करेगा प्रदेशव्यापी प्रशिक्षण प्रदेश के सभी जनपदों एवं विद्युत उत्पादन परियोजनाओं से आए प्रतिनिधियों ने बैठक में बेहतर उपभोक्ता सेवा, विद्युत आपूर्ति, उत्पादन एवं ट्रांसमिशन के दक्ष संचालन तथा वर्तमान में संचालित एकमुश्त समाधान योजना को सफल बनाए जाने का संकल्प लिया। 📍 पूरा मामला पढ़ें👇 👉 uppclmedia.in/breaking/34081 🔌 👇बिजली से जुड़ी हर बड़ी खबर सबसे पहले! फॉलो करें “UPPCL MEDIA” व्हाट्सएप चैनल whatsapp.com/channel/0029VaQ… #AwazPlus #UPPowerNews #ElectricityNews #PowerSector #UPNews #BreakingNews #EnergyUpdate #ConsumerService #PowerSupply #JuniorEngineers #UPJuniorEngineers #PowerEmployees #ElectricityDepartment #EnergyForUP #PowerReforms #EngineerVoice #PowerForPeople #BetterElectricityBetterUP #PowerWithResponsibility #ElectricityForAll #ServiceWithCommitment
1
11
455
आज सप्लाई रिव्यू पैनल में फैसला संभव — स्टीमेट, इंस्पेक्टर और सौदेबाजी पर सीधा वार प्रस्ताव के अनुसार अब आवेदक को अलग-अलग स्टीमेट, पोल, ट्रांसफार्मर और केबल की भागदौड़ नहीं करनी होगी। उपभोक्ता केवल एकमुश्त निर्धारित शुल्क जमा करेगा और 300 मीटर तक सभी तकनीकी व्यवस्थाएं बिजली विभाग स्वयं करेगा। इससे कनेक्शन प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनेगी। 📍 पूरा मामला पढ़ें👇 👉 uppclmedia.in/breaking/33964 🔌 👇बिजली से जुड़ी हर बड़ी खबर सबसे पहले! फॉलो करें “UPPCL MEDIA” व्हाट्सएप चैनल whatsapp.com/channel/0029VaQ… #आज_फैसला #बिजली_कनेक्शन_भ्रष्टाचार #स्टीमेट_राज_खत्म #UPPCL #बिजली_उपभोक्ता_हित #सप्लाई_रिव्यू_पैनल #BreakingNews #Exclusive #आज_का_बड़ा_फैसला #बिजली_माफिया #इंस्पेक्टर_राज #सस्ती_बिजली #पारदर्शी_व्यवस्था #उपभोक्ता_जीतेगा #ग्रामीण_शहरी_समान_नियम #UPPCL_MEDIA #AwazPlus #जनहित_की_आवाज़ #सच_की_लड़ाई
4
188
राजस्व वसूली में घोर लापरवाही या सुनियोजित खेल? पद पर तैनाती से पहले ही तकनीकी अधीक्षण अभियंता को थमा दिया नोटिस मध्यांचल डिस्कॉम के गोमती नगर जोन में प्रशासनिक विवेक, नियम और जवाबदेही—तीनों को ताक पर रख देने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। राजस्व वसूली जैसे विशुद्ध वाणिज्यिक (बिलिंग) प्रकरण में अधीक्षण अभियंता (बिलिंग) को छोड़कर अधीक्षण अभियंता (तकनीकी) को नोटिस जारी कर दिया गया—वह भी उस अवधि के लिए, जब संबंधित अधिकारी पद पर तैनात ही नहीं थे। 📍 पूरा मामला पढ़ें👇 👉 uppclmedia.in/breaking/33956 🔌 👇बिजली से जुड़ी हर बड़ी खबर सबसे पहले! फॉलो करें “UPPCL MEDIA” व्हाट्सएप चैनल whatsapp.com/channel/0029VaQ… #AwazPlus #AwazPlusNews #BreakingNews #HindiNews #DigitalMedia #WebJournalism #MediaVoice #Government #Administration #PublicInterest #JanHit #Accountability #Transparency #UPPCL #PowerCorporation #ElectricityNews #EnergySector #BijliVibhag #PowerConsumers #CrimeNews #Corruption #AntiCorruption #LawAndOrder #Justice #UttarPradesh #UPNews #IndiaNews #NationalNews #SpecialReport #Exclusive #GroundReport #InvestigativeJournalism #SachKiAwaz
1
3
260
🚨 बिजली बिल राहत योजना उपभोक्ताओं में लोकप्रिय, 4 लाख के करीब रजिस्ट्रेशन पावर कॉर्पोरेशन की समीक्षा बैठक में अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने बिजली बिल राहत योजना की प्रगति की समीक्षा की और खराब प्रदर्शन पर अधिकारियों की कड़ी क्लास लगाई। अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि नेवर-पेड और बिजली चोरी मामलों में पंजीकरण की गति बेहद धीमी है, जिसे हर हाल में तेज़ किया जाए। बैठक में कानपुर, बांदा, सीतापुर, गोरखपुर और झांसी के मुख्य अभियंताओं को चेतावनी जारी की गई, जबकि मिर्जापुर के मुख्य अभियंता का स्थानांतरण करने के निर्देश दिए गए। इसी क्रम में सहायक अभियंता सुशील कुमार (कासगंज) को एडवर्स एंट्री और आशुतोष कुमार (मिर्जापुर) को निलंबन के आदेश दिए गए। 📍 पूरा मामला पढ़ें👇 👉 uppclmedia.in/breaking/33939 🔌 👇बिजली से जुड़ी हर बड़ी खबर सबसे पहले! फॉलो करें “UPPCL MEDIA” व्हाट्सएप चैनल whatsapp.com/channel/0029VaQ… #UPPCL #UttarPradeshPowerCorporation #BijliBillRahatYojana #BillSettlementScheme #UPPowerNews #ElectricityReliefScheme #UPBijliVibhag #PowerReformsUP #AshishGoyalIAS #PowerCorporationReview #UPDiscom #RevenueGrowthUPPCL #NeverPaidConsumers #LongUnpaid #BijliChoriMukadma #InterestWaiver100Percent #TransformerDamageControl #ElectricityRecoveryDrive #UPNews #AwazPlus #UPPCLMedia #EnergySectorUP #ConsumerRelief #UPGovernmentInitiative
4
277
🚨 यूपी के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका: दिसंबर के बिल में 5.56% अतिरिक्त अधिभार उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं पर दिसंबर में बड़ा वित्तीय बोझ पड़ने वाला है। यूपी पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने दिसंबर माह के बिल पर लगने वाले अधिभार (फ्यूल कॉस्ट एडजस्टमेंट) की दर 5.56% तय कर दी है। यह बढ़ोतरी सितंबर में हुई अतिरिक्त ऊर्जा और ईंधन खरीद की भरपाई के लिए लागू की गई है। 📍 पूरा मामला पढ़ें👇 👉 uppclmedia.in/breaking/33906 🔌 👇बिजली से जुड़ी हर बड़ी खबर सबसे पहले! फॉलो करें “UPPCL MEDIA” व्हाट्सएप चैनल whatsapp.com/channel/0029VaQ… #UPPCL #ElectricityBill #Surcharge #UPNews #BreakingNews #AwazPlus #5Point56Percent #ConsumerShock #PowerCorporation #UPPower #OTS #BillReliefScheme #EnergyCharge #UPPCLMedia
4
218
कानपुर में वर्टिकल व्यवस्था के एक साल—KESCO को 230 करोड़ का बिजली का झटका, विभाग में सन्नाटा! सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही का दावा करते हुए लागू की गई वर्टिकल व्यवस्था ने केस्को को सिर्फ एक साल में 230 करोड़ रुपये का दे दिया घाटा ..... यूपीपीसीएल मीडिया अपनी लेखनी से सवाल दोहराता है — अध्यक्ष पावर कॉरपोरेशन बताएं, यह 230 करोड़ का झटका किसकी जिम्मेदारी है? 📍 पूरा मामला पढ़ें👇 👉 uppclmedia.in/breaking/33884 🔌 👇बिजली से जुड़ी हर बड़ी खबर सबसे पहले! फॉलो करें “UPPCL MEDIA” व्हाट्सएप चैनल whatsapp.com/channel/0029VaQ… #KESCO #UPPCL #VerticalSystemFailure #KanpurNews #PowerReforms #UPEnergyDept #UPPCLMedia #AwazPlus #CorruptionOrNegligence #WhoIsResponsible #BigBreaking #KESCO230CroreShock #VerticalVyavastha #UPPCL_Questions #AccountabilityMissing #KescoLoss #UPPCLMediaInvestigation #230CroreKaHisab #PowerSectorReality #KanpurElectricityCrisis #UPPowerNews
1
7
432
ऊर्जा मंत्री ने किया ‘बिजली बिल राहत योजना 2025–26’ का शुभारंभ, उपभोक्ताओं को मिलेंगी तीन चरणों में बड़ी राहतें ऊर्जा मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस राहत योजना को तीन चरणों में लागू किया है। योजना के अंतर्गत LMV-1 श्रेणी के अधिकतम 2 kW तक के उपभोक्ता तथा LMV-2 श्रेणी के 1 kW भार के नैवर-पेड एवं लंबित/अनपेड उपभोक्ताओं को बिजली बिलों में भारी छूट प्रदान की जाएगी। 📍 पूरा मामला पढ़ें👇 👉 uppclmedia.in/breaking/33873 🔌 👇बिजली से जुड़ी हर बड़ी खबर सबसे पहले! फॉलो करें “UPPCL MEDIA” व्हाट्सएप चैनल whatsapp.com/channel/0029VaQ… #UPPCL #बिजली_बिल_राहत_योजना #बिजली_बिल_राहत_योजना_2025_26 #ऊर्जा_मंत्री_एके_शर्मा #ऊर्जा_विभाग_उत्तर_प्रदेश #बिजली_उपभोक्ता #प्रतापगढ़_समाचार #UPPCL_Media #विद्युत_विभाग #LMV1 #LMV2 #बकाया_बिल_माफी #बिजली_चोरी_निस्तारण #UP_Government #UP_Energy #Power_Reforms_UP #Electricity_Bill_Relief #शासन_की_योजना #UP_News #AwazPlus
1
1
7
256