उत्तर प्रदेश के नवाब हसन नामक एक व्यक्ति ने शेयर बाज़ार से हर महीने 5–6% रिटर्न देने का वादा किया।
यानी सालाना लगभग 70% रिटर्न।
शुरुआत में यह दावा थोड़ा संदिग्ध लगा, लेकिन उसने इसे “AI Bots” और “Robot Trading” जैसे आकर्षक शब्दों से पेश किया।
शुरुआती निवेशकों को कुछ मुनाफ़ा दिखा, जिसके बाद हजारों लोगों ने निवेश कर दिया।
फिर एक दिन अचानक:
Withdrawal का विकल्प गायब हो गया,
कई अकाउंट डिलीट कर दिए गए,
और निवेशक अपने पैसे तक पहुंच नहीं पाए।
जांच में सामने आया कि:
कोई वास्तविक AI Bot मौजूद नहीं था,
कोई वास्तविक ट्रेडिंग नहीं हो रही थी।
पुराने निवेशकों को जो भुगतान किया जा रहा था, वह नए निवेशकों के पैसे से किया जा रहा था।
बताया गया कि बड़ी मात्रा में धन क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से दुबई भेजा गया।
QFX, BotBro, BotAlpha, YFX, CrossAlpha और MyCrypto जैसे प्लेटफॉर्म कथित तौर पर पेशेवर दिखने वाले डैशबोर्ड का इस्तेमाल करते थे, जिनमें नकली मुनाफ़ा और बैलेंस दिखाया जाता था।
कुल कथित घोटाला मूल्य: लगभग ₹800 करोड़