11 जून 2016 मध्य प्रदेश की राजनीति का एक ऐतिहासिक दिन था।
जब कांग्रेस के पास मात्र 53 विधायक थे, तब आदरणीय विवेक तंखा जी 62 मतों के साथ राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए। भाजपा ने अपना तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतारा था, लेकिन उसे करारी और निर्णायक पराजय का सामना करना पड़ा।
यह जीत केवल एक सीट की जीत नहीं थी, बल्कि आदरणीय कमलनाथ जी के कुशल नेतृत्व, राजनीतिक दूरदृष्टि, संगठनात्मक क्षमता और कांग्रेस की अभूतपूर्व एकजुटता की जीत थी। उस समय कमलनाथ जी ने जिस रणनीति और मजबूती के साथ पार्टी को नेतृत्व दिया, उसने असंभव लगने वाली इस जीत को संभव बनाया।
आज इस ऐतिहासिक विजय के 10 वर्ष पूर्ण होने पर उस गौरवशाली क्षण को स्मरण करते हुए आदरणीय विवेक तंखा जी एवं आदरणीय कमलनाथ जी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ।
यह जीत हमेशा
दिलाती रहेगी कि मजबूत नेतृत्व, संगठन की एकता और कार्यकर्ताओं का विश्वास किसी भी चुनौती को परास्त कर सकता है।
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— विक्रम मस्ताल शर्मा “हनुमान”
प्रदेश सचिव, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी
पूर्व प्रत्याशी, बुधनी विधानसभा
नर्मदा परिक्रमा वासी