एक शादीशुदा फ़ूड इंस्पेक्टर लड़की को मोहब्बत के जाल में फँसाता है, लड़की जब शादी के लिए कहती है तो मना कर देता है…
लड़की थाने जाती है तो कोतवाल साहब “ले दे कर मामला सुलटाने” की बातें करते हैं…तहरीर जेब में रख लेते हैं…
कई बार धक्के खाने के बाद लड़की मायूस होकर ज़हर खाकर जान दे देती है…
फिर वही “लेन देन” वाले कोतवाल बिजली की गति से FIR लिख कर फ़ूड इंस्पेक्टर प्रभात सक्सेना को गिरफ़्तार कर लेते हैं…चूँकि
आगरा के बाद मुरादाबाद का ये दूसरा मामला है जहां लड़की न्याय की आस में आती है मगर न्याय की राह में रोड़ा कोतवाल साहब बन जाते हैं..
इंस्पेक्टर साहब का पुराना इतिहास रहा है नजीबाबाद (बिजनौर) में तैनाती के दौरान भी महिला की मृत्यु होने तक लूट की घटना को छिपाते रहे थे…
मिशन शक्ति के बाद नारी वंदन ऐसे चल रहा है प्रदेश में !!