लोक सभा सचिवालय के Parliamentary Research & Training Institute for Democracies (PRIDE) द्वारा आयोजित “Assistant Secretaries Programme” के अंतर्गत संसद भवन में आए 2024 बैच के IAS Officer Trainees के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संवाद किया।
इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और संसद उसकी लोकतांत्रिक चेतना की सर्वोच्च अभिव्यक्ति है। संसद केवल कानून निर्माण का मंच नहीं, बल्कि जनता की आकांक्षाओं, अपेक्षाओं और राष्ट्रीय संकल्पों को स्वर देने वाली सर्वोच्च संस्था है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था की गहन समझ के लिए संसद की कार्यप्रणाली, संसदीय परंपराओं तथा संस्थागत मूल्यों को निकटता से जानना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि एक प्रशासनिक अधिकारी के लिए विधि निर्माण की प्रक्रिया (Legislative Process), उसके पीछे निहित व्यापक विमर्श, संसदीय समितियों की भूमिका तथा संसदीय चर्चाओं का गहन अध्ययन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधि जनता की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को अभिव्यक्त करते हैं, जबकि प्रशासन उन्हें नीतियों एवं कार्यक्रमों के माध्यम से धरातल पर साकार करता है। यही लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था की वास्तविक शक्ति है।
श्री बिरला ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा पर देशवासियों का गहरा विश्वास रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने सदैव राष्ट्र निर्माण, सुशासन और जनकल्याण की यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है तथा परिवर्तन के सशक्त वाहक के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने उत्तरदायित्व, जवाबदेही और संवेदनशीलता को सुशासन की आधारशिला बताते हुए कहा कि संसदीय प्रक्रियाओं की समझ इन मूल्यों को और अधिक सुदृढ़ बनाती है।
लोकसभा अध्यक्ष ने आशा व्यक्त की कि संसद का यह अनुभव प्रशिक्षु अधिकारियों को अधिक संवेदनशील, उत्तरदायी और प्रभावी लोकसेवक बनने की दिशा में प्रेरित करेगा तथा उन्हें लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका और महत्व को गहराई से समझने का अवसर प्रदान करेगा।