बिहार में BPSC द्वारा आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) परीक्षा 2026 में बड़े पैमाने पर कदाचार का खुलासा हुआ है।
आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने प्रश्न पत्र लीक और फर्जीवाड़े से जुड़े कई मामलों की जांच शुरू की है।
अब तक इस मामले में कुल 35 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
जांच में कई बायोमेट्रिक कंपनी कर्मियों की मिलीभगत सामने आई है।
मेसर्स साई एजुकेयर प्राइवेट लिमिटेड, जयपुर के कर्मचारियों की संलिप्तता भी उजागर हुई है।
गिरफ्तार आरोपियों में कई बायोमेट्रिक कोऑर्डिनेटर और सुपरवाइजर शामिल हैं।
कंपनी द्वारा परीक्षा नियमों और अनुबंध की शर्तों का गंभीर उल्लंघन पाया गया है।
कुछ आरोपी पूर्व में भी अन्य भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी कर चुके हैं।
इसी तरह अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से नकल की शिकायतें मिली हैं।
सरकार ने भविष्य की परीक्षाओं के लिए कड़ी निगरानी और विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है।