आगामी 12 जून की शाम 6 बजे, तहज़ीब और रवायत के शहर लखनऊ के लूलू मॉल में आयोजित "लूलू रीडर्स फ़ेस्ट" के अंतर्गत "लेखक से संवाद" कार्यक्रम में आपसे मुलाक़ात होगी। यह केवल एक साहित्यिक आयोजन नहीं, बल्कि विचारों, अनुभवों और संवेदनाओं के साझे होने का एक सुंदर अवसर है।
@crossword_book और
@LuLu_Mall की यह पहल विशेष इसलिए भी है कि यहाँ किताबें केवल अलमारियों में सजी वस्तुएँ नहीं हैं, बल्कि लेखक और पाठक के बीच एक जीवंत पुल हैं। एक ऐसा पुल, जिस पर चलते हुए हम अपने समय, समाज, संघर्षों, उम्मीदों और सपनों के बारे में बात कर सकते हैं।
मैं
@UnboundScript से प्रकाशित अपनी दोनों चर्चित पुस्तकों—प्रोफेसर की डायरी और जाति जनगणना पर संवाद के बहाने लखनऊ आ रहा हूँ। ये दोनों किताबें तो एक ज़रिया मात्र हैं, असली ख़्वाहिश आप सबसे मिलने, आपकी बात सुनने और अपने समय के सवालों पर एक आत्मीय संवाद करने की है।
हर लेखक के लिए उसके पाठक केवल पाठक नहीं होते, वे उसकी यात्रा के सहयात्री होते हैं। जिन लोगों ने मेरी किताबों को पढ़ा है, उन पर विचार किया है, उनसे सहमति या असहमति जताई है, उनसे मिलना हमेशा एक विशेष अनुभव होता है। और जो अभी तक इन किताबों से नहीं जुड़े हैं, उनसे परिचय का यह अवसर भी कम महत्वपूर्ण नहीं।
लखनऊ और आसपास के मित्रों, विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों, पाठकों और शुभचिंतकों से आग्रह है कि इस शाम को संवाद की एक साझा शाम बनाइए। आइए, कुछ किताबों की बातें करें, कुछ समाज की, कुछ अपने समय की, और कुछ उन सपनों की जिन्हें अभी पूरा होना है। अभी से तारीख़ दर्ज कर लें-
12 जून, शाम 6 बजे
लूलू रीडर्स फ़ेस्ट, लूलू मॉल, लखनऊ