दोस्तों, बहन-भाइयों,
दलित-बहुजन समाज के सच्चे साथियों... आज एक सच्चाई को सामने लाना बेहद जरूरी है।
आज़ाद समाज पार्टी (ASP) की जो "सत्ता परिवर्तन यात्रा" चल रही है, वो असल में सत्ता परिवर्तन की नहीं, बल्कि दलित वोटों में बंटवारा करने की साजिश है। और ये यात्रा भाजपा के इशारे पर चलाई जा रही है। चंद्रशेखर आज़ाद को इसके लिए खास फंडिंग मिली है।
उद्देश्य साफ है — 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में दलित वोटों को बांटकर भाजपा की राह आसान करना। सोचिए... चंद्रशेखर जी नगीना से सांसद बने, बहुजन समाज की ताकत से। लेकिन अब क्या हो रहा है? एक तरफ बड़े-बड़े भाषण — "संविधान बचाओ, बहुजन एकता", "मायावती जी के खिलाफ लड़ाई"।
दूसरी तरफ सत्ता परिवर्तन यात्रा के नाम पर पूरे UP में घूमना, जिसमें भीड़ जुट रही है, लेकिन सवाल ये है — ये फंडिंग कहां से आ रही है? भीम आर्मी और ASP की शुरुआत में क्राउडफंडिंग की बात की गई थी। लेकिन इतनी बड़ी यात्रा, रैलियां, वाहन, प्रचार, स्वयंसेवक — ये सब बिना बड़े फंड के संभव नहीं।
सूत्रों और राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कुछ खास चैनलों से, जयंत चौधरी जैसे मध्यस्थों के जरिए, और भाजपा के कुछ रणनीतिकारों से संपर्क के बाद ये यात्रा तेज हुई। मकसद? BSP के पारंपरिक दलित (खासकर जाटव) वोट को ASP की तरफ खींचना, ताकि असली विरोधी वोट बंट जाए और भाजपा फायदा उठाए। 2024 लोकसभा में नगीना में ASP की जीत हुई — अच्छी बात।
लेकिन उसी जीत ने BSP को कमजोर किया। अब 2027 में अगर ASP हर सीट पर लड़ती है, तो दलित वोट तीन-चार हिस्सों में बंटेगा — BSP, ASP, SP-PDA और BJP। नतीजा? भाजपा की सीटें बढ़ेंगी। ये "फूट डालो, राज करो" की क्लासिक रणनीति है। चंद्रशेखर जी पर सवाल पूछने वाले कई हैं:BJP से दूरी बताते हो, लेकिन कुछ मुद्दों पर चुप्पी क्यों?
यात्रा के दौरान कुछ खास नेताओं से गुप्त बैठकें क्यों?
दलित एकता की बात करते हो, लेकिन BSP जैसे सबसे बड़े बहुजन संगठन को तोड़ने का काम क्यों?
फंडिंग का हिसाब-किताब कहां है? कौन-कौन बड़े दाता हैं?
कांशीराम जी ने कभी सत्ता के लिए सिद्धांत नहीं बेचे। उन्होंने दलित-बहुजन को एकजुट किया, बिना किसी बड़े पार्टी के इशारे पर। मायावती जी ने भी वर्षों तक संघर्ष किया। लेकिन आज का "नया मसीहा" अगर भाजपा की चाल का हिस्सा बन रहा है, तो ये दलित समाज के साथ सबसे बड़ा धोखा है।
दलित मतदाता जागरूक हो चुके हैं। हम बंट नहीं सकते। हम एक नहीं तो शून्य हैं। सत्ता परिवर्तन की असली यात्रा वो है जो भाजपा की हार की गारंटी करे, न कि उसके फायदे की। ASP की ये यात्रा अगर सच में बहुजन के लिए है, तो BSP के साथ गठबंधन क्यों नहीं? क्यों अलग लड़ाई? क्यों वोट बंटवारा?बहुजन समाज को एक होना होगा। नाम चाहे ASP हो, BSP हो, या कोई और — लेकिन मकसद एक: भाजपा की सत्ता का अंत।
अगर चंद्रशेखर जी सच्चे हैं तो साबित करें — फंडिंग का सोर्स बताएं, BSP से बात करें, और असली एकता दिखाएं। नहीं तो ये "सत्ता परिवर्तन" नहीं, वोट परिवर्तन (दलित वोट बंटवारा) की यात्रा साबित होगी। जय भीम! जय संविधान!!
बहुजन एकता ज़िंदाबाद!!!
#DalitVoteSplitExposed #SattaParivartanYatraExposed #ChandrashekharAzad #BSP #UP2027 #BahujanUnity
मै बहुजन के लोगो से कहना चाहता हूं कि चुनावी गिद्ध से सावधान रहे वह चुनाव में आते तुम्हारे वोटो का सौदा करते फिर ac में सो जाते हैं