मुझे भी कुछ समझ नहीं आता यार.. क्या करूं, क्या नहीं, कहां जाऊं, क्या त्यागूं, क्या पकडूं... वक्त के चपेड में सम्पूर्ण उलझ गया हूँ। कोइ उम्मीद नहीं...कोई रास्ता नहीं, जीवन बद से बदतर होती जा रही है...और मैं बेबस, हताश एवं लाचार मोड़ पर खड़ा हूँ...!!!
#Joblesslife