तीन जुलाई से शुरू होने जा रही अमरनाथ यात्रा को ड्रोन, सीसीटीवी निगरानी, सर्विलांस सिस्टम तथा अन्य आधुनिक तकनीकों के साथ ही पारंपरिक सुरक्षा उपायों के समन्वय के साथ अभेद्य बनाया जाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा तैयारियों पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान यात्रा से जुड़े स्थानीय लोगों, पशुओं के पंजीकरण और सभी पहचान पत्र को क्यूआर कोड युक्त बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक के दौरान शाह ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालुओं की सर्वोच्च सुरक्षा एवं सुगम यात्रा के लिए कटिबद्ध है। इस साल अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से 28 अगस्त तक होगी।
यात्रा गृह मंत्रालय के अनुसार, बैठक में यात्रा मार्ग पर केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ ही सभी सुरक्षा एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से बहु आयामी अभेद्य सुरक्षा ग्रिड स्थापित करने का फैसला लिया गया।
यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए पारंपरिक सुरक्षा तंत्र के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था में ड्रोन, सीसीटीवी निगरानी, सर्विलांस सिस्टम तथा अन्य आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जाएगा।
इस दौरान केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को शिविर स्थलों पर व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी के लिए तैनात किया जाएगा।
शाह ने श्रद्धालुओं के पंजीकरण, आवास, स्वास्थ्य सेवाओं एवं आपदा प्रबंधन सहित सभी आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
शाह ने यात्रा मार्ग के साथ ही जम्मू-कश्मीर के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा ताकि, श्रद्धालु सुरक्षित रूप से पर्यटन का आनंद ले सकें। उन्होंने मौसम की स्थिति एवं पूर्वानुमान के अनुरूप ही श्रद्धालुओं के जत्थों को आगे बढ़ाने की व्यवस्था करने पर जोर दिया।
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