जब लाखों छात्र पेपर लीक से परेशान थे, जब भर्ती परीक्षाएँ रद्द हो रही थीं, जब युवा उम्र और उम्मीद दोनों खो रहे थे, तब विपक्ष कहाँ था?
अब 17 जून से कोटा में छात्र सम्मेलन और उसके बाद प्रयागराज, पटना व नई दिल्ली में आंदोलन की बात हो रही है। सवाल आंदोलन का नहीं, समय का है।
यदि पेपर लीक युवाओं के भविष्य पर हमला था, यदि बेरोजगारी देश का सबसे बड़ा संकट है, तो विपक्ष ने सड़क पर उतरने में इतनी देरी क्यों की? क्या युवाओं की आवाज़ तब सुनाई नहीं दे रही थी?
युवा अब भाषण नहीं, जवाब चाहता है। युवा अब वादे नहीं, रोजगार चाहता है। युवा अब राजनीति नहीं, न्याय चाहता है।
देश के करोड़ों छात्रों का भविष्य किसी पार्टी की चुनावी रणनीति नहीं, बल्कि राष्ट्र की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। जो समय पर युवाओं के साथ नहीं खड़ा होता, उसे युवाओं के नाम पर राजनीति करने का भी अधिकार नहीं होना चाहिए।
अब देखना यह है कि यह आंदोलन युवाओं को न्याय दिलाएगा या फिर केवल राजनीतिक मंच बनकर रह जाएगा।
#PaperLeak #StudentJustice #YouthPower #Unemployment #ViralPost