राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) नई दिल्ली, बिहार राज्य आपदा प्राधिकरण, पटना एवं आपदा प्रबध्ंान विभाग, बिहार सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत भूकंप की वास्तविक स्थिति में तंत्र की प्रभावशीलता के परीक्षण के लिए एक पूर्व-निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिला प्रशासन, पटना द्वारा आज सात चिन्हित सिमुलेशन स्थलों पर भूकंप परिदृश्य पर आधारित मॉक एक्सरसाईज का सफल आयोजन किया गया। इसमें स्थानीय लोग, आपदा मित्र, सिविल डिफेंस, एनसीसी, भारतीय सेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आरएएफ, पुलिस, स्वास्थ्य, नगर निगम, पीएचईडी, विद्युत, अग्निशमन, बीएसएनएल सहित सभी हितधारकों ने भाग लिया। कल पटना समाहरणालय में भूकंप परिदृश्य पर आधारित टेबल टॉप एक्सरसाईज का सफल आयोजन किया गया था। आज मॉक अभ्यास हेतु सात सिमुलेशन स्थलों का चयन किया गया था: पटना समाहरणालय, जेडी वीमेंस कॉलेज एवं जेडी वीमेंस कॉलेज छात्रावास, बिस्कोमान भवन, सिटी सेन्टर मॉल, जेपी सेतु, गाँधी मैदान एवं आईजीआईएमएस। सिमुलेशन साईट पर विशिष्ट यथार्थवादी आपदा परिदृश्य का निर्धारण किया गया था। इन परिदृश्यों में संरचनात्मक क्षति, आग लगना, फंसे हुए पीड़ित, घायल लोग, राहत एवं बचाव कार्य इत्यादि दृश्य शामिल है। सभी सिमुलेशन साईट्स पर वरीय नोडल पदाधिकारियों एवं प्रभारी पदाधिकारियों को तैनात किया गया था।
जिलाधिकारी, पटना ने कहा कि पटना भूकंप के दृष्टिकोण से संवेदनशील है। यह सिस्मिक जोन IV में स्थित है। अतः भूकंप जैसी स्थिति में जान-माल की सुरक्षा हेतु सुदृढ़ तैयारी आवश्यक है। मॉक ड्रिल एवं टेबल टॉप एक्सरसाईज इसी कड़ी का महत्वपूर्ण भाग है। उन्होंने कहा कि इन अभ्यासों का मूल उद्देश्य भूकंप जैसी आपात स्थिति में जिले की तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया एवं विभागों के बीच समन्वय की समीक्षा करना था। भूकम्प परिदृश्य पर आधारित टेबल टॉप एक्सरसाईज एवं मॉक एक्सरसाईज आम जनता को भूकंप की स्थिति में सुरक्षित रखने के लिए प्रशासनिक दृष्टिकोण से अत्यंत प्रभावकारी है। इन अभ्यासों के दौरान सभी स्टेकहोल्डर्स के बीच समन्वय की स्थिति की जाँच के साथ-साथ राहत एवं बचाव कार्यों का परीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार के आदेश के आलोक में जिला प्रशासन, पटना द्वारा सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ नियमित तौर पर उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया जाता है ताकि भूकंप की स्थिति में इसकी विभीषिकाओं से लोगों को बचाया जा सके तथा क्षति का न्यूनीकरण किया जा सके। भूकम्प की स्थिति में Do's and Don'ts का वृहत स्तर पर प्रचार-प्रसार; प्रशिक्षण कार्यशाला, मॉकड्रिल एवं अन्य क्षमतावर्द्धन गतिविधियों का आयोजन कर आपदा जोखिम न्यूनीकरण, तैयारी एवं सुरक्षित व्यवहार के प्रति जनमानस को जागरूक करने सहित सभी स्टेकहोल्डर्स से सुदृढ़ समन्वय एवं सार्थक संवाद स्थापित कर अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। जिला प्रशासन द्वारा समन्वित प्रयासों के माध्यम से नागरिकों को भूकंप के दौरान अपनाए जाने वाले सावधानियों; क्या करें एवं क्या न करें तथा सामुदायिक स्तर पर आपदा प्रतिरोधक क्षमता के महत्व के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
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भूकंप-आधारित टेबल टॉप एक्सरसाइज एवं मॉक ड्रिल भूकंप की वास्तविक स्थिति में तंत्र की प्रभावशीलता के परीक्षण के लिए एक पूर्व-निर्धारित कार्यक्रम था। इसका सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इसके लिए सभी स्टेकहोल्डर्स बधाई के पात्र हैं। जिला प्रशासन, पटना किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए पूर्णतः तैयार है। आप बेफिक्र रहें। सजग रहें। एडवाइजरी एवं निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करें। किसी भी आपातकालीन सहायता के लिए जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र, पटना (0612-2210118), 24*7 जिला नियंत्रण कक्ष, पटना (0612-2219810/ 2219234), डायल 112 या आपदा प्रबंधन विभाग के राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (हेल्पलाइन नंबर- 0612-2294204/205; आपातकालीन सहायता नंबर- 1070) पर संपर्क किया जा सकता है।………………जिलाधिकारी, पटना
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