10 फरवरी 2014 की मनहूस रात, गड्ढे में गिरने के बाद पीछे से आई गाड़ी पत्नी के दोनों पैरों को कुचलती हुई निकल गई।
नन्हा पवित्र भी वहीं गिरा, नुकीले पत्थरों से ऐसा घायल हुआ कि वो मासूम एक शब्द भी नहीं बोल सका।
कातिल ठेकेदार, अधिकारी आज भी आज़ाद हैं!
हमें मिला तो बस दर्द, इंसाफ नहीं।