राजधानी दिल्ली के पुलिस महकमे में कल रात से एक संदेश तेज़ी से मोबाइल फ़ोन पर दौड़ रहा है~
“Insp. Praveen, ATO Jyoti Nagar has been trapped and arrested by CBI last night.
Please “be alert” and don't involve in any wrong practices”
जानकारी मिली है कि
@DCPNEastDelhi के मातहत इन साहब ने SC/ST से जुड़े मामले में पीड़ित को 50 हज़ार का नज़राना वसूलने कड़कड़डूमा बुलाया था!
जहां जाल बिछाकर बैठी
@CBIHeadquarters की टीम में मौक़े पर ही रंगेहाथ धर लिया।
SC/ST मामलों की जाँच तो केवल ACP ही कर सकता है और फ़ाइनल रिपोर्ट भी उसी ने बनानी होता है।
तो क्या बिना
#ACP की मर्ज़ी या मिलीभगत के निरीक्षक ने “नज़राना क़बूलने” की मंज़ूरी दे दी होगी? क्या
#CBI इस पहलू पर जाँच करेगी?
वैसे
@DCPNEastDelhi के इलाक़े में कुछ भी हो सकता है! क्योंकि खुद
#DCP को ही दागियों से मोहब्बत है!
इन साहब ने साल 2019 में नंदनगरी थानों में हुई
#CustodyDeath के मुक़दमों में आरोपी और महकमे के रिकॉर्ड में “संदिग्ध चरित्र” वाले हवलदार
#UdhamSingh को छह महीने से जिला
#NarcoticsUnit में
#Attach कर रखा है!
मगर, चूँकि भ्रष्टाचार और उगाही के
#Program @DelhiPolice की प्राथमिकता का हिस्सा नहीं है!
इसलिए “कद्दू कटेगा तो सबमें बटेगा”
@PMOIndia @HMOIndia @CVCIndia @CPDelhi @Ravindra_IPS