गुजरात की फिक्स वेतन नीति मुख्य रूप से 'समान कार्य के लिए समान वेतन' के सिद्धांत का उल्लंघन करती है, जो संविधान के अनुच्छेद 14, 16 और 39(डी) के विरुद्ध है। सुप्रीम कोर्ट (2016, जगजीत सिंह केस) ने इसे असंवैधानिक माना, राज्य को उचित वेतन देने को कहा। हाईकोर्ट ने भी कई मामलों में समान वेतन का आदेश दिया। हालांकि, नीति में संशोधन हुए हैं, लेकिन पूर्ण समानता नहीं। यह शोषणकारी है, पर सरकार इसे लागत नियंत्रण मानती है।