📚 मुख्यमंत्री श्री ए. रेवंत रेड्डी की विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ अहम बैठक
✅मुख्यमंत्री श्री ए. रेवंत रेड्डी जी (
@revanth_anumula) ने कहा कि बदलते दौर की ज़रूरतों के मुताबिक तेलंगाना के विश्वविद्यालयों में ऐसी शिक्षा दी जानी चाहिए जो छात्रों के भविष्य को आकार दे सके। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को छात्र-केंद्रित संस्थानों के रूप में कार्य करना चाहिए।
✅मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों के वाइस-चांसलरों के साथ समीक्षा बैठक में कहा कि मौजूदा जॉब मार्केट में डिमांड में मौजूद कोर्सेज को प्राथमिकता देते हुए शिक्षण पद्धतियों में बदलाव लाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ज़्यादातर सरकारी विश्वविद्यालयों में ग्रामीण और आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों से आने वाले छात्र पढ़ाई करते हैं, इसलिए उनके भविष्य को सुरक्षित करने वाले कोर्स जरूरी हैं।
✅मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन छात्रों के पास संसाधन हैं, वे निजी विश्वविद्यालयों में डिमांड वाले कोर्स कर रहे हैं। ऐसे में सरकारी विश्वविद्यालयों के छात्रों को प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए वैसी ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए।
✅उन्होंने यह भी बताया कि कुछ विश्वविद्यालयों में केवल इसलिए अप्रासंगिक कोर्स चल रहे हैं क्योंकि वहां पहले से प्रोफेसर नियुक्त हैं। ऐसे कोर्सों को हटाकर नए, उपयोगी और डिमांड वाले कोर्स लाने की आवश्यकता है। इन कोर्सेस से जुड़े प्रोफेसरों को प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।
✅मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि विश्वविद्यालयों को प्रोफेसरों के लिए रिहैबिलिटेशन सेंटर की तरह नहीं बनाना चाहिए।
✅बैठक में कुलपतियों ने विश्वविद्यालयों में प्रोफेसरों की कमी, भवन निर्माण और अन्य मौलिक सुविधाओं की समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। इस पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालयों के विकास के लिए सरकार आवश्यक धन आवंटित करने के लिए तैयार है।
✅मुख्यमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि विश्वविद्यालयों की सामूहिक समस्याओं और विशिष्ट समस्याओं पर सरकारी सलाहकार के. केशव राव के साथ बैठक कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए और सरकार को सौंपी जाए।
🔹 इस बैठक में सरकारी सलाहकार श्री के. केशव राव, श्री वेम नरेंद्र रेड्डी (
@Vemnarenderredy), उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष श्री बालकिस्ता रेड्डी, शिक्षा आयोग के अध्यक्ष श्री आकुनूरी मुरली (
@Murali_IASretd), आयोग के सदस्य, और विभिन्न विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर प्रो. कुमार मोलुगरम, प्रो. के. पत्रप रेड्डी, डॉ. टी. यादगीरी राव, प्रो. खाजा अल्ताफ़ हुसैन, प्रो. जीएन श्रीनिवास, प्रो. उमेश कुमार, प्रो. सूर्य धनंजय, प्रो. किशन कुमार रेड्डी, प्रो. टी. गंगाधर, प्रो. ए. गोवर्धन, प्रो. वी. नित्यानंदराव और प्रो. घंटा चक्रपाणि (
@GhantaC) समेत कई उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।
#TelanganaUniversities #RevanthReddy #HigherEducation #UniversityReforms #StudentCentricEducation #NewEducationPolicy #FutureSkills #EducationMatters #TelanganaCM #TelanganaRising
రాష్ట్రంలోని …
విశ్వవిద్యాలయాల ఉప కులపతులతో …
సమావేశం కావడం జరిగింది.
విశ్వవిద్యాలయాల స్థితిగతులు…
మౌలిక సదుపాయాలు, ఖాళీల భర్తీ పై…
వివరాలు అడిగి తెలుసుకున్నాను.
విశ్వవిద్యాలయాల
ఉమ్మడి సమస్యల పై ఒక నివేదిక,
ఏ విశ్వవిద్యాలయానికి ఆ విశ్వవిద్యాలయం వారిగా సమస్యల పై విడివిడిగా
నివేదికలు రూపొందించి ప్రభుత్వానికి
సమర్పించాల్సిందిగా ఆదేశించాను.
పిల్లల చదువుల కోసం…
విశ్వవిద్యాలయాల బాగు కోసం…
ఎంతైనా నిధులు కేటాయించడానికి…
ప్రభుత్వం సిద్ధంగా ఉంది.
ప్రతి విశ్వవిద్యాలయం విద్యార్థి ప్రయోజనాలే కేంద్రంగా పని చేయాలి.
జాబ్ మార్కెట్ లో డిమాండ్ ఉన్న కోర్సులకు ప్రాధాన్యత ఇవ్వాలి.
గ్రామీణ ప్రాంతాల నుండి వచ్చే పేద విద్యార్థులకు ప్రభుత్వ విశ్వవిద్యాలయాలే దేవాలయాలు…
వారి భవిష్యత్ ను తీర్చిదిద్దే కేంద్రాలు.
ప్రొఫెసర్ల రీహేబిటేషన్ సెంటర్లుగా విశ్వవిద్యాలయాలు ఉండ కూడదు.